🔱 Kotilingeshwara Temple Karnataka: 1 करोड़ शिवलिंग का संकल्प, 108 फीट शिवलिंग और पूरी यात्रा जानकारी
Kotilingeshwara Temple Karnataka कर्नाटक के कोलार जिले के कम्मासंद्रा गांव में स्थित भगवान शिव का एक अनोखा मंदिर है। यहां सबसे बड़ा आकर्षण है 108 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग, जिसके सामने करीब 11 मीटर ऊंची नंदी की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर परिसर में अनगिनत छोटे शिवलिंग भी अलग-अलग स्थानों पर दिखाई देते हैं।
लेकिन इस मंदिर की कहानी सिर्फ एक विशाल शिवलिंग तक सीमित नहीं है। एक करोड़ शिवलिंग स्थापित करने का संकल्प ही इस स्थान को देश के दूसरे शिव मंदिरों से अलग बनाता है। कर्नाटक पर्यटन भी मंदिर को इसी एक करोड़ शिवलिंग के संकल्प से जोड़ता है।
अगर आप बेंगलुरु या कर्नाटक की यात्रा कर रहे हैं और किसी अलग तरह के शिव मंदिर को देखना चाहते हैं, तो Kotilingeshwara Temple Kolar आपके itinerary में शामिल किया जा सकता है।

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⭐ . Kotilingeshwara Temple की सबसे खास बात क्या है?
Kotilingeshwara Temple की पहचान मुख्य रूप से तीन चीजों से होती है—
🔱 108 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग
🐂 उसके सामने विशाल नंदी की प्रतिमा
🕉️ परिसर में बड़ी संख्या में स्थापित छोटे-छोटे शिवलिंग
मंदिर परिसर करीब 15 एकड़ में फैला है और यहां 108 फीट ऊंचे शिवलिंग के साथ लगभग 11 मीटर ऊंची नंदी प्रतिमा है। परिसर में अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए 11 छोटे मंदिर भी हैं।
यही विशाल खुले परिसर में कतारों में दिखाई देते शिवलिंग पहली बार आने वाले यात्री के लिए सबसे अलग अनुभव बनाते हैं।
🔱 . क्या Kotilingeshwara में 1 करोड़ शिवलिंग हैं?
यह सवाल इस मंदिर से जुड़ा सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है।
1 करोड़ शिवलिंग स्थापित करने का संकल्प इस मंदिर की मूल पहचान है। लेकिन इसे सीधे यह कहना कि “आज मंदिर में ठीक 1 करोड़ शिवलिंग मौजूद हैं”, सही नहीं होगा।
यहां अभी बड़ी संख्या में शिवलिंग स्थापित हैं और आने वाले दशकों में करोड़ शिवलिंग का लक्ष्य पूरा होने की संभावना बताई गई है। भक्त लोग अपना शिव लिंग यहां स्थापित करते है जो मंदिर को एक करोड़ शिवलिंग स्थापित करने के उद्देश्य से जोड़ता है।
📖 Kotilingeshwara Temple का इतिहास
आज जिस रूप में Kotilingeshwara Temple दिखाई देता है, उसके विकास की शुरुआत 1980 में हुई थी। स्वामी सांभ शिवमूर्ति ने इस स्थान पर शिव मंदिर के विकास और बड़ी संख्या में शिवलिंग स्थापित करने का संकल्प लिया था। पहला शिवलिंग 1980 में स्थापित किया गया।
समय के साथ यहां हजारों-लाखों शिवलिंग स्थापित होते गए और परिसर का विस्तार होता गया।
बाद में विशाल 108 फीट के शिवलिंग और उसके सामने विशाल नंदी की स्थापना ने इस स्थान को एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल की पहचान दी।
मंदिर परिसर में भगवान विष्णु, ब्रह्मा, महेश्वर, अन्नपूर्णेश्वरी, करुमारी अम्मा, सुब्रमण्य स्वामी, गणपति, हनुमान और राम-सीता-लक्ष्मण सहित कई अन्य देवताओं के मंदिर भी हैं।

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🙏 मंदिर परिसर में क्या देखें?
Kotilingeshwara Temple केवल दर्शन करके लौटने वाली जगह नहीं है। परिसर में घूमते हुए आपको कई अलग-अलग चीजें देखने को मिलती हैं।
🔱 विशाल शिवलिंग
सबसे पहले नजर 108 फीट ऊंचे विशाल शिवलिंग पर जाती है। यह पूरे परिसर का मुख्य आकर्षण है।
🐂 विशाल नंदी
शिवलिंग के सामने विशाल नंदी की प्रतिमा स्थापित है। नंदी की ऊंचाई लगभग 11 मीटर है।
🕉️ अनगिनत शिवलिंग
परिसर में अलग-अलग आकार के बड़ी संख्या में शिवलिंग स्थापित हैं। कुछ शिवलिंगों की ऊंचाई लगभग 1 से 3 फीट के बीच बताई गई है।
🛕 अन्य मंदिर
परिसर में भगवान शिव के अलावा कई अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी हैं, इसलिए दर्शन के लिए पर्याप्त समय रखना अच्छा रहेगा।
🔔 पूजा और धार्मिक महत्व
यहां भगवान शिव की पूजा और शिवलिंगों का अभिषेक मंदिर की धार्मिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भक्त यहां शिवलिंग स्थापित कराने और विशेष पूजा कराने भी आते हैं।
महाशिवरात्रि यहां आने का खास समय माना जाता है और इस अवसर पर भक्तों की संख्या काफी बढ़ सकती है। इसलिए त्योहार के समय आने वाले यात्रियों को यात्रा और ठहरने की योजना पहले बना लेनी चाहिए।

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🕐 Kotilingeshwara Temple Timings
मंदिर के समय को लेकर ऑनलाइन स्रोतों में थोड़ा अंतर दिखाई देता है। मंदिर का समय सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक बताता है। मंदिर की अपनी वेबसाइट में दैनिक routine अलग हो सकता है ।
इसलिए यात्रा वाले दिन स्थानीय timing confirm करना बेहतर रहेगा, खासकर त्योहार या विशेष पूजा के दिन।आप चाहे तो offical website check कर सकते है ।
📍 Kotilingeshwara Temple कहाँ स्थित है?
Kotilingeshwara Temple Kammasandra village, Kolar district, Karnataka में स्थित है। यह बेंगलुरु से एक practical day-trip destination के रूप में भी देखा जा सकता है ।
🚆 Kotilingeshwara Temple कैसे पहुंचें?
✈️ Bangalore Airport से
सबसे नजदीकी बड़ा airport Kempegowda International Airport, Bengaluru है। कोलार से यह मंदिर से लगभग 100 km दूर है।
Airport से आप cab या अन्य road transport लेकर मंदिर पहुंच सकते हैं।
🚆 Bangalore से Train से
Koramandal Railway Station मंदिर के नजदीकी रेलवे स्टेशन में से एक है और यह लगभग 8 km दूर है।
वहीं आप Bangarapet को एक option के रूप में लेकर चल सकते है ।
🚌 Bus/Road से
मंदिर के सबसे नजदीकी बस स्टॉप Kammasandra Gram Panchayat bus stop बताया गया है, जो मंदिर से लगभग 0.5 km दूर है।
Bengaluru से road trip करने वाले यात्रियों के लिए यह एक आसान विकल्प है।

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🏨 Kotilingeshwara Temple के पास कहाँ ठहरें?
अगर आपका उद्देश्य सिर्फ मंदिर के दर्शन करना है तो एक दिन में यात्रा पूरी की जा सकती है, लेकिन अगर आप Kolar और आसपास के दूसरे स्थान भी देखना चाहते हैं तो Kolar में रुकना ज्यादा practical रहेगा।
🍛 यहां क्या खाएं?
मंदिर के आसपास basic snacks और खाने के विकल्प मिल सकते हैं, लेकिन अगर आप Kolar तक जा रहे हैं तो स्थानीय Kannadiga food जरूर try कर सकते हैं।
Kolar की local food पहचान में:
Ragi Mudde + Sambar/Saaru
Ragi Rotti
Bisi Bele Bath
South Indian breakfast
Traditional Filter Coffee
शामिल हैं।
अगर आप परिवार के साथ जा रहे हैं तो पानी साथ रखना और बहुत देर तक खाली पेट न घूमना practical रहेगा।
⚠️ यात्रा से पहले जरूरी बातें
सुबह जल्दी पहुंचना ज्यादा आरामदायक रहेगा।
महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर भीड़ काफी बढ़ सकती है।
गर्मी के दिनों में दोपहर के समय खुले परिसर में घूमना कठिन हो सकता है।
पूजा या अभिषेक से पहले मंदिर के वर्तमान नियम जरूर पूछें।
Camera/parking आदि के charges अलग हो सकते हैं; इन्हें पहुंचने से पहले confirm करें।
अगर आप Bengaluru से जा रहे हैं तो आने-जाने के साथ दर्शन और आसपास घूमने का समय भी रखें।
📅 Best Time to Visit Kotilingeshwara Temple
अगर आपका उद्देश्य शांत दर्शन और आराम से मंदिर देखना है तो अक्टूबर से फरवरी का मौसम ज्यादा comfortable माना जाता है। इस वक्त को Kolar घूमने के लिए बेहतर समय माना जाता है।
लेकिन अगर आप महाशिवरात्रि का धार्मिक माहौल देखना चाहते हैं, तो उस समय यात्रा का अनुभव अलग होगा—बस भीड़ और accommodation की planning पहले करनी होगी।

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🗓️ कितने दिन चाहिए?
सिर्फ Kotilingeshwara Temple:
1 दिन पर्याप्त है।
Kotilingeshwara + Kolar:
1–2 दिन रखें।
Kolar में Kotilingeshwara के साथ Antaragange, Someshwara Temple और Kolaramma Temple जैसे स्थान भी itinerary में जोड़े जा सकते हैं।
❓ FAQ – Kotilingeshwara Temple
1. 1 करोड़ का शिवलिंग किस मंदिर में है?
कर्नाटक के कोलार जिले के कम्मासंद्रा स्थित Kotilingeshwara Temple में एक करोड़ शिवलिंग स्थापित करने का संकल्प लिया गया था अब यह थोड़ा कम या 1 करोड़ से ज्यादा भी हो सकता है क्यों की भक्त लोग हर दिन शिव लिंग स्थापित करते है ।
2. क्या Kotilingeshwara Temple में 1 करोड़ शिवलिंग हैं?
मंदिर की पहचान एक करोड़ शिवलिंग स्थापित करने के संकल्प से शुरू हुई थी जो अभी तक जारी है । इतना जरूर है ,आपकी नजर जहा तक जायेगी बस शिव लिंग हीं देखने को मिलेंगे ।
3. Kotilingeshwara Temple कहाँ है?
यह Kammasandra village, Kolar district, Karnataka में स्थित है।
4. Kotilingeshwara Temple में सबसे खास क्या है?
इसकी सबसे बड़ी पहचान 108 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग, विशाल नंदी और बड़ी संख्या में स्थापित शिवलिंग हैं।
5. Bangalore से Kotilingeshwara Temple कैसे जाएं?
Bengaluru से road या train दोनों विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ट्रेन से आने पर Koramandal/Bangarapet route और उसके बाद local transport लिया जा सकता है।
6. Kotilingeshwara Temple का timing क्या है?
Karnataka Tourism के अनुसार सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक; मंदिर की अपनी वेबसाइट में टाइम अलग हो सकता है इसलिए offical website check जरूर करे ।
7. Kotilingeshwara Temple के लिए कितना समय रखें?
सिर्फ मंदिर दर्शन के लिए एक दिन पर्याप्त है। Kolar के अन्य प्रमुख स्थान जोड़ने पर 1–2 दिन की यात्रा बेहतर रहेगी।

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🙏 Conclusion
Kotilingeshwara Temple Karnataka उन यात्रियों के लिए खास जगह है जो भगवान शिव के मंदिर में कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं। 108 फीट का विशाल शिवलिंग, उसके सामने विशाल नंदी और चारों तरफ बड़ी संख्या में स्थापित शिवलिंग इस परिसर को देखने लायक बनाते हैं। सबसे खास बात यहां का एक करोड़ शिवलिंग स्थापित करने का संकल्प है।
अगर आप Bengaluru या Kolar की यात्रा कर रहे हैं, तो इस मंदिर को अपनी यात्रा में शामिल करने के लिए एक दिन निकाल सकते हैं। DevYatraa पर हमारा उद्देश्य भी यही है कि मंदिर की जानकारी के साथ आपको वहां पहुंचने, रुकने, खाने और पूरी यात्रा plan करने में आसानी हो।हर यात्रा सिर्फ दर्शन नहीं, एक यादगार अनुभव भी होती है। 🙏
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✍️ Meet Our Writers
Punam Singh & Nahid Parween
Writers at DevYatraa
Punam Singh is a graduate and homemaker from Jamshedpur, Jharkhand. She began her writing journey with DevYatraa and is continuously learning and growing as a writer. Her work focuses on Indian temples, their history, and practical travel information.
Nahid Parween is a graduate, homemaker, and writer from Dhanbad, Jharkhand. Alongside writing for DevYatraa, she is preparing for a teaching career and working on her first book, which is nearing completion. She writes about Indian temples and religious destinations.
Together, Punam and Nahid aim to make temple and travel information simple, practical, and useful for travelers across India.
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