Dwarkadhish Temple Dwarka Gujarat:द्वारकाधीश मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के धाम की पूरी यात्रा | द्वारकाधीश मंदिर कैसे जाएं, दर्शन समय और घूमने की जानकारी
अगर आप Dwarka, Gujarat जाने की planning कर रहे हैं, तो आपकी यात्रा Dwarkadhish Temple के दर्शन के बिना अधूरी मानी जाएगी। समुद्र के किनारे बसी द्वारका नगरी भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी आस्था के कारण देशभर के श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास है। यहां स्थित द्वारकाधीश मंदिर, जिसे जगत मंदिर भी कहा जाता है, भगवान श्रीकृष्ण को द्वारकाधीश यानी द्वारका के राजा के रूप में समर्पित है।
यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि ऐसी जगह है जहां मंदिर की ऊंची शिखर, समुद्र और गोमती नदी का संगम जैसा वातावरण और आसपास के धार्मिक स्थल मिलकर पूरी यात्रा को खास बना देते हैं।
अगर आप पहली बार Dwarka Gujarat जा रहे हैं तो इस article में मैं आपको मंदिर के इतिहास से लेकर Dwarkadhish Temple timings, कैसे पहुंचें, कहां रुकें, क्या खाएं, कितने दिन रुकें और आसपास कौन-कौन सी जगह देखें—सब कुछ आसान भाषा में बताऊंगा।

Image Credit: Emmanuel DYAN / Wikimedia Commons (CC BY 2.0)
🛕 द्वारकाधीश मंदिर में किस भगवान की पूजा होती है?
द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य देवता भगवान श्रीकृष्ण हैं। यहां उन्हें द्वारकाधीश, यानी द्वारका के राजा के रूप में पूजा जाता है।
द्वारका की धार्मिक परंपरा भगवान कृष्ण की उस नगरी से जुड़ी है जिसे उन्होंने मथुरा छोड़ने के बाद बसाया था। इसी वजह से देशभर से कृष्ण भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं।
मंदिर परिसर में भगवान कृष्ण के अलावा कई अन्य देवी-देवताओं को समर्पित छोटे मंदिर भी हैं। मंदिर परिसर में रुक्मिणी, बलराम, सुभद्रा, वासुदेव और अन्य देवताओं की प्रतिमा भी आपको देखने मिल जायेगी ।
अगर आप पहली बार आ रहे हैं तो केवल मुख्य मंदिर देखकर वापस न निकलें। मंदिर परिसर और आसपास के Gomti Ghat क्षेत्र को भी अपनी यात्रा में शामिल करें।
📜 Dwarkadhish Temple का इतिहास
द्वारकाधीश मंदिर का इतिहास आस्था और प्राचीन परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
मन्दिर की स्थापना भगवान श्रीकृष्ण के परपोते वज्रनाभ से जुड़ी मान्यता है और वर्तमान मंदिर में समय-समय पर कई बार निर्माण और renovation हुए हैं। मंदिर की वर्तमान संरचना पर 15वीं और 16वीं शताब्दी के प्रभाव भी बताए जाते हैं।
Devbhoomi Dwarka जिला प्रशासन के अनुसार Archaeology Department मंदिर को लगभग 1200 वर्ष पुराना मानता है, जबकि इससे जुड़ी धार्मिक परंपराएं इसकी स्थापना को इससे भी बहुत पुरानी मानती हैं। इसलिए मंदिर की उम्र बताते समय अलग-अलग ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराओं को अलग समझना जरूरी है।
यही वजह है कि Dwarkadhish Temple history आज भी लोगों की curiosity का बड़ा कारण है।
🏛️ द्वारकाधीश मंदिर की वास्तुकला क्यों खास है?
मंदिर की सबसे पहली चीज जो दूर से ही दिखाई देती है, वह इसका विशाल शिखर और उस पर लहराती ध्वजा है।
मंदिर का शिखर लगभग 43 मीटर ऊंचा है और मंदिर पर लगने वाली विशाल ध्वजा विशेष पहचान रखती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां भी चढ़नी पड़ती हैं।
मंदिर में दो प्रमुख द्वार बताए जाते हैं:
🚪 स्वर्ग द्वार
इस रास्ते से श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करते हैं।
🚪 मोक्ष द्वार
दर्शन के बाद बाहर निकलने के लिए इस द्वार का उपयोग किया जाता है।
मंदिर Gomti Creek के पास स्थित है और इसके आसपास का पूरा क्षेत्र इसे एक अलग spiritual atmosphere देता है।

Image: Emmanuel DYAN / Wikimedia Commons — CC BY 2.0
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🚩 द्वारकाधीश मंदिर की ध्वजा इतनी खास क्यों है?
मंदिर के शिखर पर लगी ध्वजा Dwarkadhish Temple की सबसे पहचान वाली चीजों में से एक है।
यहां 52 गज की ध्वजा का उल्लेख मिलता है। समुद्र के किनारे ऊंचे शिखर पर लहराती यह ध्वजा दूर से ही दिखाई देती है।
अगर आप मंदिर के सामने खड़े होकर ऊपर देखेंगे तो सबसे पहले आपकी नजर इसी ध्वजा पर जाएगी।
⏰ Dwarkadhish Temple Timings
सामान्य दिनों में मंदिर के दर्शन का समय:
सुबह: 6:30 AM – 1:00 PM
शाम: 5:00 PM – 9:30 PM
festival days पर timing बदलने की संभावना भी है ।
इसलिए Dwarkadhish Temple timings search करके पुराने article की timing पर पूरी तरह निर्भर न रहें। यात्रा वाले दिन latest timing जरूर verify करें।
Temple official website 👈
🙏 मेरी सलाह
अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो सुबह का दर्शन plan करना बेहतर रहेगा। दर्शन के बाद आपके पास Gomti Ghat, Sudama Setu और आसपास के दूसरे मंदिर देखने के लिए ज्यादा समय रहेगा।
🎉 Janmashtami 2026 में Dwarka क्यों चर्चा में है?
इस समय Dwarka और Dwarkadhish Temple पर लोगों की interest बढ़ने की सबसे बड़ी वजहों में से एक Janmashtami 2026 भी है।
4 September 2026 को Dwarka में Janmashtami celebration है। मंदिर में विशेष सजावट, midnight Janm-Utsav, आरती, भजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी दी गई है।
वहीं हाल की रिपोर्ट के अनुसार Dwarka में इस साल Janmashtami के दौरान लगभग 7 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारी की जा रही है।
इसलिए अगर आप Janmashtami 2026 पर Dwarka जाने की सोच रहे हैं तो hotel, train और local transport की planning सामान्य यात्रा से काफी पहले करना बेहतर रहेगा।

Image: Rohit Gupta / Wikimedia Commons — CC BY-SA 3.0
🚆 Dwarkadhish Temple कैसे जाएं?
अब आता है सबसे जरूरी सवाल—Dwarka कैसे पहुंचे?
🚆 Train से Dwarka
Dwarka Railway Station मंदिर से लगभग 2–2.5 km दूर है। Utsav portal के अनुसार railway station से मंदिर तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
अगर आप दूसरे राज्य से train से आ रहे हैं तो Dwarka Railway Station को अपनी यात्रा का main arrival point रख सकते हैं।
Station से:
Auto
Taxi
Local transport
लेकर मंदिर पहुंच सकते हैं।
✈️ Flight से Dwarka
Dwarka का अपना commercial airport नहीं है।
Porbandar और Jamnagar को प्रमुख airport options के रूप में बताते हैं। Utsav portal Porbandar Airport को लगभग 110 km दूर बताता है।
Airport से आगे road journey करनी होगी।
अगर flight से आ रहे हैं तो ticket book करने से पहले airport से Dwarka तक road travel time और cab availability जरूर check करें।
🚌 Bus से Dwarka
Dwarka road network से Gujarat के कई शहरों से connected है।
Dwarka ST Bus Station मंदिर से लगभग 1.2 km दूर बताया गया है।
इसलिए bus से आने वाले यात्रियों के लिए भी मंदिर तक पहुंचना मुश्किल नहीं है।
🏨 Dwarka में कहां रुकें?
अगर आपका मुख्य उद्देश्य Dwarkadhish Temple Darshan है तो मंदिर के आसपास या Dwarka town में hotel लेना सबसे convenient रहेगा।
अगर family के साथ हैं
मंदिर के आसपास ऐसी property चुनें जहां से walking या short auto ride में मंदिर पहुंच सकें।
अगर budget में यात्रा कर रहे हैं
Dwarka में धर्मशाला और budget accommodation के options भी मिलते हैं। लेकिन booking करने से पहले current reviews और facilities check करना बेहतर है।
कितने दिन रुकें?
सिर्फ Dwarkadhish Temple: 1 दिन संभव है।
Dwarka के प्रमुख धार्मिक स्थल: 2 दिन बेहतर।
Dwarka + Shivrajpur Beach + आसपास: 2–3 दिन रखें।
🍛 Dwarka में क्या खाएं?
Dwarka धार्मिक शहर है इसलिए vegetarian food आसानी से मिल जाता है।
आप अपनी यात्रा में:
Gujarati Thali
Khichdi
Fafda-जलेबी
Thepla
Dhokla
स्थानीय vegetarian भोजन
try कर सकते हैं।
अगर सुबह बहुत जल्दी दर्शन करने जा रहे हैं तो breakfast के लिए मंदिर खुलने के तुरंत बाद हर दुकान खुली मिले, यह जरूरी नहीं। इसलिए रात में ही पानी और हल्का snack रख लेना practical रहेगा।
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🌊 Dwarkadhish Temple के आसपास क्या देखें?
1. Gomti Ghat
मंदिर के बिल्कुल पास Gomti नदी का पवित्र क्षेत्र है। मंदिर दर्शन के बाद यहां जाना natural choice है।
2. Sudama Setu
गुजरात पर्यटन के अनुसार Sudama Setu Gomti Creek को पार करके beach की ओर जाने वाला pedestrian bridge है।
3. Rukmini Devi Temple
भगवान कृष्ण की पत्नी रुक्मिणी देवी को समर्पित यह मंदिर Dwarka यात्रा में शामिल किया जा सकता है।
4. Bhadkeshwar Mahadev Temple
अगर आप धार्मिक स्थलों के साथ समुद्र का सुंदर दृश्य भी देखना चाहते हैं तो Bhadkeshwar Mahadev एक अच्छा addition हो सकता है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार यह Dwarkadhish Temple से लगभग 1.5 km दूर है और समुद्र के किनारे स्थित है।
5. Shivrajpur Beach
अगर आपके पास extra time है तो beach को भी itinerary में जोड़ा जा सकता है।

Image: AmitUdeshi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0
🗓️ Dwarka 1-Day Travel Plan
अगर आपके पास सिर्फ एक दिन है:
सुबह:
Dwarkadhish Temple दर्शन
दर्शन के बाद:
Gomti Ghat
दोपहर:
Lunch + आराम
दोपहर बाद:
Rukmini Devi Temple
शाम:
Sudama Setu + आसपास का क्षेत्र
रात:
Dwarka में stay या आगे की यात्रा
लेकिन अगर आप आराम से यात्रा करना चाहते हैं तो 2 दिन का plan बेहतर रहेगा।
🗓️ Dwarka 2-Day Travel Plan
Day 1
Dwarkadhish Temple → Gomti Ghat → Sudama Setu → Dwarka local sightseeing
Day 2
Rukmini Devi Temple → Bhadkeshwar Mahadev → Beach/nearby attractions → शाम को वापसी
इस तरह आपको मंदिर के दर्शन के साथ Dwarka का धार्मिक और coastal दोनों अनुभव मिल जाएगा।
🎒 Dwarka जाने से पहले ये बातें जरूर जानें
1. मंदिर की timing festival के दौरान बदल सकती है।
2. Janmashtami पर बहुत ज्यादा crowd हो सकता है।
3. Hotel पहले book करना बेहतर है, खासकर festival season में।
4. मंदिर के अंदर photography/mobile से जुड़े current rules मौके पर follow करें।
5. समुद्र के पास मौसम अचानक बदल सकता है।
6. बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो मंदिर की सीढ़ियों और walking को ध्यान में रखें।
7. दर्शन के लिए सुबह का समय आपकी sightseeing को आसान बना सकता है।
8. किसी भी online booking या special darshan service के लिए official source को प्राथमिकता दें।
🌤️ Dwarka जाने का सही समय
सामान्य sightseeing और आराम से मंदिर दर्शन के लिए November से February का समय अच्छा माना जाता है। Gujarat Tourism भी November–February को best time बताता है।
लेकिन अगर आपका उद्देश्य Janmashtami का अनुभव करना है तो September में जाना अलग तरह का धार्मिक अनुभव देगा—बस भीड़ बहुत अधिक होने के लिए तैयार रहना होगा।
❤️ Dwarkadhish Temple की यात्रा क्यों करें?
Dwarka की यात्रा सिर्फ एक मंदिर देखने की यात्रा नहीं है।
यह भगवान श्रीकृष्ण की नगरी से जुड़ी आस्था, समुद्र के किनारे बसे प्राचीन धार्मिक शहर और कई महत्वपूर्ण मंदिरों को एक साथ अनुभव करने का अवसर है।
अगर आपके पास सिर्फ एक दिन है तो Dwarkadhish Temple + Gomti Ghat + Sudama Setu को प्राथमिकता दें।
अगर दो दिन हैं तो Rukmini Devi Temple और Bhadkeshwar Mahadev जोड़ें।
और अगर Janmashtami के समय आ रहे हैं तो सामान्य tourist trip की तरह planning बिल्कुल न करें। इस समय Dwarka में श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ जाती है और 2026 में प्रशासन बड़े crowd की तैयारी कर रहा है।
मेरी नजर में Dwarka की सबसे खूबसूरत बात यही है कि यहां मंदिर से बाहर निकलने के बाद भी यात्रा खत्म नहीं होती। कुछ ही दूरी पर Gomti का किनारा, Sudama Setu, समुद्र और दूसरे धार्मिक स्थल आपकी यात्रा को आगे बढ़ाते रहते हैं।
इसलिए अगर आप Gujarat में धार्मिक यात्रा की planning कर रहे हैं तो Dwarkadhish Temple को अपनी list में सबसे ऊपर रखना एक अच्छा फैसला हो सकता है।

Image: YAKSH75 (Vaibhav Santosh Naik) / Wikimedia Commons — CC0 1.0
❓ Dwarkadhish Temple FAQ
1.Dwarkadhish Temple कहां है?
Dwarkadhish Temple, Dwarka शहर, Devbhoomi Dwarka district, Gujarat में Gomti Creek के पास स्थित है।
2.Dwarkadhish Temple में किस भगवान की पूजा होती है?
यहां भगवान श्रीकृष्ण को द्वारकाधीश के रूप में पूजा जाता है।
3.Dwarkadhish Temple की timing क्या है?
सामान्य दिनों में सरकारी पर्यटन स्रोत सुबह 6:30 AM–1:00 PM और शाम 5:00 PM–9:30 PM बताते हैं। Festival days पर समय बदल सकता है।
4.Dwarkadhish Temple का nearest railway station कौन सा है?
Dwarka Railway Station, जो मंदिर से लगभग 2–2.5 km दूर है।
5.Dwarka का nearest airport कौन सा है?
Porbandar और Jamnagar प्रमुख airport options हैं; यात्रा से पहले current flight connectivity और road distance check करना चाहिए।
6.Dwarkadhish Temple घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?
सिर्फ मंदिर के लिए 1 दिन संभव है। Dwarka के प्रमुख धार्मिक स्थलों को आराम से देखने के लिए 2 दिन बेहतर हैं।
7.Dwarka में कौन-कौन सी जगह घूम सकते हैं?
Gomti Ghat, Sudama Setu, Rukmini Devi Temple, Bhadkeshwar Mahadev और समय होने पर Shivrajpur Beach को यात्रा में जोड़ा जा सकता है।
8.Janmashtami 2026 कब है?
Dwarka में 2026 का Janmashtami celebration 4 September 2026 को निर्धारित है।
9.क्या Janmashtami पर Dwarka जाना चाहिए?
अगर आप धार्मिक उत्सव और बड़ी भीड़ का अनुभव करना चाहते हैं तो जा सकते हैं, लेकिन hotel, transport और crowd management की planning पहले करना जरूरी है।
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✍️ Meet Our Writers
Punam Singh & Nahid Parween
Writers at DevYatraa
Punam Singh is a graduate and homemaker from Jamshedpur, Jharkhand. She began her writing journey with DevYatraa and is continuously learning and growing as a writer. Her work focuses on Indian temples, their history, and practical travel information.
Nahid Parween is a graduate, homemaker, and writer from Dhanbad, Jharkhand. Alongside writing for DevYatraa, she is preparing for a teaching career and working on her first book, which is nearing completion. She writes about Indian temples and religious destinations.
Together, Punam and Nahid aim to make temple and travel information simple, practical, and useful for travelers across India.
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