Bhimashankar Jyotirlinga का रहस्य क्या है? कथा, Darshan, Timing और Complete Travel Guide
सोचिए…
आप सुबह-सुबह पहाड़ों के बीच एक ऐसे मंदिर की तरफ बढ़ रहे हैं, जहां रास्ते में शहर का शोर पीछे छूटता जाता है। चारों तरफ Sahyadri की हरियाली है, हवा में ठंडक है और जैसे-जैसे आप मंदिर के करीब पहुंचते हैं, यात्रा का माहौल बदलने लगता है।
लेकिन Bhimashankar को सिर्फ एक Jyotirlinga मंदिर कह देना इसकी पूरी कहानी नहीं है।
यहां एक तरफ भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक कथा है, दूसरी तरफ जंगल और Wildlife Sanctuary है, कहीं trekking का रास्ता है तो कहीं Gupt Bhimashankar जैसी धार्मिक मान्यताएं।

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आखिर Bhimashankar का “रहस्य” क्या है?
क्या इसका संबंध किसी प्राचीन कथा से है?क्या Bhima River का connection इसी जगह से है?Gupt Bhimashankar आखिर क्या है?और अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो Pune से Bhimashankar कैसे पहुंचें, Darshan कब होंगे, registration चाहिए या नहीं, कहां रुकें और क्या-क्या देखें?
इस guide में इन्हीं सवालों के जवाब मिलेंगे—लेकिन सिर्फ मंदिर की जानकारी नहीं। यहां कोशिश रहेगी कि जब आप घर से Bhimashankar के लिए निकलें तो आपको पता हो कि कहां जाना है, कब जाना है और वहां पहुंचकर क्या करना है।
Bhimashankar कहां है?
Bhimashankar महाराष्ट्र के Pune district में Sahyadri Hills के बीच स्थित है।
मंदिर Bhorgiri village के क्षेत्र में आता है और Pune से इसकी दूरी लगभग 125 km बताई जाती है। आसपास का पूरा क्षेत्र Western Ghats की प्राकृतिक खूबसूरती और जंगलों के लिए जाना जाता है।
यही वजह है कि Bhimashankar की यात्रा बाकी कई मंदिर यात्राओं से थोड़ी अलग महसूस होती है।
आप यहां केवल मंदिर तक पहुंचने के लिए नहीं आते।
रास्ता भी यात्रा का हिस्सा बन जाता है।
अगर आपने पहले Kainchi Dham Neem Karoli Baba की पहाड़ी यात्रा जैसी पहाड़ और आध्यात्मिकता को साथ लेकर चलने वाली यात्रा पढ़ी है, तो Bhimashankar में आपको एक अलग तरह का mountain pilgrimage experience देखने को मिलेगा।
Bhimashankar Jyotirlinga का रहस्य क्या है?
अब आते हैं उस सवाल पर जिसके कारण आपने यह article खोला होगा।“रहस्य” से यहां किसी डरावनी या supernatural कहानी का मतलब नहीं है।Bhimashankar का रहस्य असल में उसकी कई परतों में छिपा है।एक तरफ इसे भगवान शिव के Jyotirlinga से जोड़ा जाता है।दूसरी तरफ मंदिर की कथा में Tripurasura का उल्लेख मिलता है।फिर Gupt Bhimashankar और Bhima River से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं हैं।
और इसके ठीक आसपास ऐसा जंगल है जहां Indian Giant Squirrel यानी Shekaru जैसे वन्यजीव पाए जाते हैं। Bhimashankar Wildlife Sanctuary Western Ghats के biodiversity-rich क्षेत्र का हिस्सा है।
यानी यहां मंदिर + कथा + जंगल + नदी + trekking + स्थानीय मान्यताएं एक ही यात्रा में मिल जाती हैं।यही Bhimashankar की असली खासियत है।
Bhimashankar की पौराणिक कथा क्या है?
Bhimashankar से जुड़ी कथा के अलग-अलग रूप मिलते हैं। इसलिए किसी एक version को बिना context के “एकमात्र सच” बताना सही नहीं होगा।
मंदिर से जुड़ी एक प्रमुख कथा में Tripurasura का उल्लेख मिलता है।मान्यता के अनुसार Tripurasura ने भगवान शिव की तपस्या की और वरदान प्राप्त किया। बाद में उसका अत्याचार बढ़ गया और देवताओं ने भगवान शिव से सहायता मांगी।इसके बाद भगवान शिव ने देवी पार्वती के साथ मिलकर Tripurasura का अंत किया।
इसी कथा में देवी पार्वती के Kamalja Mata स्वरूप का भी उल्लेख आता है और Tripurasura के वध को Kartik Purnima से जोड़ा जाता है।लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है।यह धार्मिक कथा है, इतिहास की प्रमाणित घटना नहीं।Bhimashankar की कहानी को समझते समय आस्था और ऐतिहासिक प्रमाण—दोनों को अलग-अलग रखना चाहिए।
Bhimashankar नाम कैसे पड़ा?
Bhimashankar नाम को लेकर भी धार्मिक परंपराओं में अलग-अलग व्याख्याएं मिलती हैं।एक परंपरा में इसका संबंध Bhima नाम से जोड़ा जाता है, जबकि मंदिर की पौराणिक कथा में Tripurasura की कहानी प्रमुख रूप से सामने आती है।इसी वजह से internet पर आपको Bhimashankar की कथा के अलग-अलग versions मिल सकते हैं।अगर आप किसी एक कहानी को लेकर confused हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में एक ही तीर्थ की कथा के अलग रूप मिलना असामान्य बात नहीं है।

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Gupt Bhimashankar क्या है?
Bhimashankar यात्रा का एक दिलचस्प हिस्सा है Gupt Bhimashankar।स्थानीय धार्मिक मान्यताओं में इसे भगवान शिव से जुड़े एक पवित्र स्थान के रूप में देखा जाता है।“Gupt” नाम ही अपने आप में curiosity पैदा करता है।लेकिन यहां भी traveller को एक बात समझनी चाहिए—इसे किसी रहस्यमयी underground tourist spot की तरह समझकर न जाएं।
यह मुख्य मंदिर से अलग धार्मिक स्थल/क्षेत्र के रूप में जाना जाता है और वहां जाने की planning करते समय स्थानीय रास्ते, मौसम और current access conditions की जानकारी लेना जरूरी है।अगर आपका उद्देश्य सिर्फ Jyotirlinga दर्शन है तो इसे compulsory part न मानें।
लेकिन अगर आपके पास extra time है और आप Bhimashankar की धार्मिक परंपराओं को थोड़ा और explore करना चाहते हैं, तो इसे itinerary में जगह दी जा सकती है।
Bhima River का Bhimashankar से क्या संबंध है?
Bhimashankar से Bhima River को लेकर भी धार्मिक और स्थानीय मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।इस वजह से Bhimashankar की यात्रा में पानी और जंगल का connection भी दिखाई देता है।यही combination इस जगह को केवल “एक मंदिर” से अलग बनाता है।सुबह मंदिर के आसपास का वातावरण और फिर जंगल की तरफ बढ़ते हुए landscape को देखना आपको यह समझाता है कि यहां धार्मिक यात्रा और nature एक-दूसरे से कितने करीब हैं।
Bhimashankar Temple की सबसे खास बात क्या है?
Bhimashankar भगवान शिव को समर्पित 12 Jyotirlingas में से एक माना जाता है।मंदिर Sahyadri Hills के बीच स्थित है और आसपास का प्राकृतिक वातावरण इसकी यात्रा को खास बनाता है।अगर आप पहले से Jyotirlinga यात्रा कर रहे हैं तो Bhimashankar को अलग तरह का experience माना जा सकता है।
उदाहरण के लिए Kashi Vishwanath Temple की यात्रा में आपको मंदिर के साथ काशी की गलियां और Ganga Ghats का अनुभव मिलता है।वहीं Bhimashankar में मंदिर के साथ Sahyadri का जंगल और पहाड़ी landscape आपकी यात्रा का हिस्सा बन जाता है।
Bhimashankar Darshan Timing: अभी मंदिर कितने बजे खुल रहा है?
यह सबसे जरूरी practical information है।अभी की स्थिति में Bhimashankar Temple में darshan का temporary window 7:00 AM से 11:00 AM है।
मंदिर परिसर में Sabhamandap और सीढ़ियों का construction work चल रहा है, जिसके कारण official notice में यह temporary व्यवस्था दी गई है।इसलिए पुराने articles में अगर आपको:5:00 AM से मंदिर खुलने या शाम तक दर्शन
जैसी जानकारी मिलती है तो उसे देखकर अभी अपनी यात्रा plan न करें।
मंदिर की regular schedule page पर सामान्य programme 5:00 AM से रात तक दिया गया है, लेकिन current construction notice अभी 7:00 AM–11:00 AM वाले darshan window को override कर रहा है।
मेरी practical सलाह
अगर आप current व्यवस्था में जा रहे हैं तो:
6:30 AM तक मंदिर क्षेत्र के आसपास पहुंचने की कोशिश करें।
इससे आपको parking, walking, queue और security जैसी चीजों के लिए थोड़ा समय मिल जाएगा।
और सबसे जरूरी—
यात्रा से ठीक पहले current timing फिर check करें।
official website link
क्या Bhimashankar में Registration जरूरी है?
यह सवाल बहुत लोग search करते हैं।
Bhimashankar के लिए यात्रा करने से पहले मंदिर की current booking/darshan व्यवस्था check करना जरूरी है, क्योंकि मंदिर की services और construction-related arrangements समय के साथ बदल सकते हैं।
Official temple website पर Darshan Pass Booking की व्यवस्था उपलब्ध है।
इसलिए किसी पुराने YouTube video या पुराने blog में दिखाई गई registration व्यवस्था को देखकर सीधे यात्रा plan न बनाएं।
जिस तारीख को आप जा रहे हैं, उसी समय की व्यवस्था check करें।

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Bhimashankar Darshan Booking कैसे करें?
अगर online darshan pass या booking की आवश्यकता आपकी यात्रा की तारीख पर लागू है, तो official temple portal पर उपलब्ध current booking option देखें।
किसी random third-party website या social media contact के जरिए booking कराने से बचें।
विशेष रूप से अगर कोई व्यक्ति कहे:
“paise देकर मैं आपका special darshan पक्का करवा दूंगा।”
तो पहले उसकी authenticity जरूर check करें।
यात्रा में पैसे बचाने से ज्यादा जरूरी है कि booking सही जगह से हो।
Pune से Bhimashankar कैसे जाएं?
अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो Pune से road journey सबसे practical options में से एक है।
Pune से Bhimashankar की दूरी लगभग 125 km है।आप:
- Bus
- Taxi
- Cab
- Private Car
में से अपनी सुविधा के अनुसार option चुन सकते हैं।
Car 🚗 से जाने वालों के लिए
Google Maps में सिर्फ distance देखकर travel time तय न करें।यह hill route है।
बारिश के समय road conditions, traffic और पहाड़ी रास्ते travel time को बदल सकते हैं।
इसलिए अगर दर्शन सुबह 7:00 AM से 11:00 AM के current window में करना है, तो Pune से बहुत देर से निकलना risk भरा हो सकता है।
Mumbai से Bhimashankar कैसे जाएं?
Mumbai से आने वालों के लिए road journey लंबी होगी।
इसलिए अगर आपका मुख्य उद्देश्य सिर्फ सुबह दर्शन करना है तो उसी दिन Mumbai से निकलकर वापस आने की planning थकाऊ हो सकती है।
बेहतर होगा कि:
Mumbai → Pune side stay → Bhimashankar
जैसी planning पर विचार करें।
अगर आपके पास 2 दिन हैं तो यात्रा ज्यादा आराम से की जा सकती है।
🚂 Train से Bhimashankar कैसे जाएं?
Bhimashankar के ठीक मंदिर परिसर में railway station नहीं है।
इसलिए train से आने वाले यात्रियों को पहले nearby railway-connected city तक पहुंचना होगा और फिर road journey करनी होगी।
Pune side से road connectivity practical option रहती है।
अगर आप train से आने वाले हैं तो पूरी यात्रा को सिर्फ railway distance से नहीं देखें।
असल challenge होगा:
Railway Station → Hill Road → Bhimashankar
इसलिए last-mile transport पहले समझ लेना जरूरी है।
Flight ✈️ से Bhimashankar कैसे जाएं?
दूर के शहर से आने वालों के लिए Pune International Airport practical option है।
Airport पहुंचने के बाद आगे road journey करनी होगी।
अगर family के साथ हैं तो airport से direct cab लेने से journey आसान हो सकती है।
Budget traveller bus/shared transport के options भी देख सकते हैं।
Bhimashankar में सिर्फ Darshan करें या Nature भी देखें?
यही वह जगह है जहां Bhimashankar बाकी कई pilgrimage destinations से अलग हो जाता है।
यहां आसपास Bhimashankar Wildlife Sanctuary है।
यह Western Ghats का हिस्सा है और यहां कई तरह की flora-fauna diversity देखने को मिलती है। Indian Giant Squirrel यानी Shekaru इस क्षेत्र के प्रमुख wildlife attractions में गिना जाता है।
इसलिए अगर आप सिर्फ:
घर → मंदिर → दर्शन → घर
करेंगे तो Bhimashankar का एक बड़ा हिस्सा miss कर सकते हैं।
लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि हर traveller को trekking करनी ही चाहिए।
आपकी fitness, मौसम और available time के हिसाब से plan बदलना चाहिए।
Bhimashankar में Trekking कहां करें?
Bhimashankar के आसपास trekking के लिए अलग-अलग routes लोकप्रिय हैं।
Khandas side से आने वाले trekking routes के अलावा Ganesh Ghat और Shidi Ghat जैसे नाम trekking enthusiasts के बीच जाने जाते हैं।
लेकिन यहां एक बात बहुत important है—
Monsoon में सुंदर दिखने वाला रास्ता हमेशा आसान नहीं होता।
बारिश में:
रास्ता slippery हो सकता है
visibility कम हो सकती है
पानी भर सकता है
जंगल में रास्ता समझना मुश्किल हो सकता है
इसलिए पहली बार trek कर रहे हैं तो local guide या experienced group के साथ जाना बेहतर है।
अगर आपका उद्देश्य सिर्फ Jyotirlinga दर्शन है तो trekking को compulsory मत बनाइए।
Nagphani और आसपास की Nature
Bhimashankar के आसपास पहाड़ी viewpoints और forest landscape trekking तथा nature lovers को आकर्षित करते हैं।
लेकिन हर viewpoint तक पहुंचना हर traveller के लिए जरूरी नहीं है।
अगर आपके साथ:
छोटे बच्चे
बुजुर्ग
walking difficulty वाले लोग
हैं तो आसान sightseeing को प्राथमिकता दें।
Temple यात्रा को trekking competition बनाने की जरूरत नहीं है।
Bhimashankar में 1 Day काफी है?
अगर आपका लक्ष्य सिर्फ दर्शन है—तो 1 day trip संभव है।
लेकिन current darshan window 7:00 AM–11:00 AM होने के कारण आपको सुबह जल्दी पहुंचना पड़ेगा।
अगर आप:
Darshan + Nature + Nearby Places
तीनों करना चाहते हैं तो 2 days ज्यादा आरामदायक रहेंगे।
1 Day Plan
सुबह जल्दी Bhimashankar पहुंचें
↓
Darshan
↓
Breakfast
↓
Nearby sightseeing
↓
दोपहर बाद वापस
2 Day Plan
Day 1:
Pune/Mumbai side → Bhimashankar → Stay → आराम
Day 2:
Early Darshan → Nature/nearby places → Lunch → Return
अगर आप आराम से यात्रा करते हैं तो दूसरा option ज्यादा practical है।

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Bhimashankar में कहां रुकें?
अगर आपका उद्देश्य सुबह जल्दी दर्शन करना है तो Bhimashankar के आसपास stay लेना convenient हो सकता है।
आपको:
- Hotel
- Lodge
- Guest House
- Dharamshala
- Pilgrim accommodation
जैसे options मिल सकते हैं।
लेकिन availability season और crowd के हिसाब से बदल सकती है।
अगर आप weekend, festival या बड़े धार्मिक अवसर पर जा रहे हैं तो last-minute stay पर भरोसा न करें।
Bhimashankar main kya khaye
Bhimashankar कोई बड़ा city food destination नहीं है।
यह pilgrimage + hill destination है।
इसलिए यहां आपको सामान्य vegetarian food, snacks, tea और basic meals आसानी से मिल सकते हैं, लेकिन food options बड़े शहरों जैसी variety वाले नहीं होंगे।
अगर आप सुबह बहुत जल्दी पहुंच रहे हैं तो:
पानी
हल्का snack
जरूरी medicines
साथ रखना समझदारी है।
खासकर family के साथ travel कर रहे हैं तो बच्चों के लिए कुछ light food जरूर रखें।
Bhimashankar की यात्रा में Nature को कैसे जोड़ें?
अगर आपको temple के साथ nature देखना पसंद है तो Bhimashankar आपके लिए naturally fit बैठता है।
और यही वह जगह है जहां DevYatraa की दूसरी यात्राओं को भी पढ़ना उपयोगी हो सकता है।
अगर आपको पहाड़ + मंदिर + शांत वातावरण वाली यात्रा पसंद है तो Kainchi Dham की पूरी यात्रा देख सकते हैं।
अगर आपको पहाड़ों के बीच बड़े धार्मिक धाम और आसपास की nature देखनी है तो Badrinath Dham की यात्रा guide भी आपकी planning में काम आएगी।
और अगर आपको मंदिरों के साथ अलग तरह की धार्मिक और प्राकृतिक जगहें explore करना पसंद है तो बिहार की Maa Van Devi Temple यात्रा भी पढ़ सकते हैं।
इन तीनों जगहों की geography अलग है, लेकिन एक common चीज है—
मंदिर की यात्रा सिर्फ मंदिर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहती।
Bhimashankar के साथ दूसरी धार्मिक यात्राएं कैसे जोड़ें?
अगर आप Maharashtra में multiple temple destinations explore कर रहे हैं तो Bhimashankar को अकेले देखने के बजाय एक larger pilgrimage route की तरह भी plan किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए Bhimashankar के बाद Trimbakeshwar Jyotirlinga जैसे destination को अलग यात्रा में जोड़ा जा सकता है।
इसी तरह अगर आप भारत के अलग-अलग Jyotirlingas को धीरे-धीरे cover कर रहे हैं तो Kashi Vishwanath भी आपकी अगली यात्रा का हिस्सा हो सकता है।
और अगर आपको pilgrimage travel को state-to-state explore करना पसंद है तो DevYatraa पर Jagannath Temple Puri की complete travel guide भी आपके लिए useful रहेगी।
Puri की यात्रा में भी यही approach है—सिर्फ दर्शन नहीं, बल्कि stay, food और आसपास घूमने की planning।
Bhimashankar जैसी यात्रा में एक और जरूरी बात
हर pilgrimage destination का अपना character होता है।
Bhimashankar में जंगल और पहाड़ हैं।
Badrinath में Himalaya का landscape है।
Puri में समुद्र और coastal culture है।
Barsana में Braj की गलियां और पहाड़ी मंदिर हैं।
इसीलिए अगर आप अलग-अलग तरह की धार्मिक यात्राएं पसंद करते हैं तो Radha Rani Mandir Barsana की यात्रा guide भी पढ़ सकते हैं।
बरसाना में भी मंदिर के साथ आसपास की जगहें, walking और local travel experience यात्रा का हिस्सा बन जाते हैं।
Bhimashankar यात्रा में Mahabodhi Temple का link क्यों?
यह सुनकर थोड़ा अलग लग सकता है।
Bhimashankar और Bodh Gaya एक जैसे destination नहीं हैं।
लेकिन traveller के नजरिए से दोनों यात्राओं में एक common चीज है—
धार्मिक स्थल को समझने के लिए सिर्फ main temple देखकर वापस आना काफी नहीं होता।
Bodh Gaya में भी मंदिर के साथ पूरा spiritual environment, Bodhi Tree और आसपास के monasteries यात्रा का हिस्सा हैं।
अगर आप Bihar से हैं या Bihar की धार्मिक यात्राओं की planning कर रहे हैं तो Mahabodhi Temple Bodh Gaya की पूरी यात्रा जानकारी भी देख सकते हैं।
यह link यहां इसलिए है क्योंकि दोनों जगहों को “सिर्फ मंदिर” की तरह नहीं, बल्कि पूरा pilgrimage experience समझना जरूरी है।
Bhimashankar जाने का Best Time कौन सा है?
अगर आपका उद्देश्य comfortable temple + nature यात्रा है तो October से February का मौसम generally ज्यादा आरामदायक माना जा सकता है।
इस समय hill weather अपेक्षाकृत pleasant रहता है।
Monsoon में क्या करें?
Monsoon में Bhimashankar का जंगल और greenery बहुत आकर्षक हो सकती है।
लेकिन यही समय road और trekking conditions के लिए ज्यादा challenging भी हो सकता है।
अगर बारिश में जा रहे हैं तो:
road condition check करें
weather forecast देखें
trekking route की current स्थिति पूछें
comfortable shoes पहनें
रात में unfamiliar forest route avoid करें
यानी monsoon में beauty ज्यादा हो सकती है, लेकिन planning भी ज्यादा करनी पड़ती है।
Bhimashankar FAQ
1. पुराने timing पर भरोसा करना
अभी current darshan window 7:00 AM–11:00 AM है। इसलिए पुरानी 5:00 AM वाली schedule देखकर यात्रा plan न करें।
2. सिर्फ मंदिर देखकर वापस लौटना
अगर आपके पास समय है तो nature side जरूर देखें।
3. Monsoon में बिना तैयारी trekking
सुंदर रास्ता हमेशा आसान रास्ता नहीं होता।
4. Stay को आखिरी समय तक छोड़ना
Weekend और festival में problem हो सकती है।
Darshan/pass के लिए official व्यवस्था को प्राथमिकता दें।
6. Hill road को city road समझना
Travel time के लिए extra buffer रखें।
7. हर धार्मिक कथा को historical fact समझना
Bhimashankar की कई बातें धार्मिक मान्यताओं और कथाओं से जुड़ी हैं।
Bhimashankar के लिए क्या सामान लेकर जाएं?
अगर सिर्फ दर्शन के लिए जा रहे हैं:
- Comfortable footwear
- पानी
- Mobile charger/power bank
- पहचान पत्र
- जरूरी medicines
- थोड़ा cash
- मौसम के अनुसार कपड़े
- अगर trekking भी करनी है:
- trekking shoes
- rain protection
- extra clothes
- पर्याप्त water
- basic first-aid
- phone में offline map
और सबसे जरूरी—
अगर बारिश हो रही है तो सिर्फ इसलिए trek न करें क्योंकि आपने Instagram पर खूबसूरत तस्वीर देखी है।
Real trail और social media photo में काफी फर्क हो सकता है।
Bhimashankar और दूसरी Temple Journeys में क्या फर्क है?
यही शायद इस पूरी यात्रा का सबसे interesting हिस्सा है।
Kashi Vishwanath में आपको मंदिर के साथ काशी की गलियां और Ganga Ghats मिलते हैं।
Jagannath Puri में मंदिर के साथ समुद्र, Mahaprasad और Odisha की संस्कृति जुड़ जाती है।
Badrinath में मंदिर के साथ Himalaya का landscape यात्रा को अलग बना देता है।
Radha Rani Mandir Barsana में मंदिर के साथ Braj की गलियां, पहाड़ी और local religious culture जुड़ता है।
और Bhimashankar में मंदिर के साथ Sahyadri, जंगल, wildlife और trekking का element जुड़ जाता है।
इसीलिए pilgrimage travel को सिर्फ “दर्शन करके लौटना” समझना जरूरी नहीं है।
अगर आपको Temple + Nature वाली यात्रा पसंद है
DevYatraa पर ऐसी यात्राओं को पढ़ते समय आप अलग-अलग तरह के experiences compare कर सकते हैं।
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✍️ Meet Our Writers
Punam Singh & Nahid Parween
Writers at DevYatraa
Punam Singh is a graduate and homemaker from Jamshedpur, Jharkhand. She began her writing journey with DevYatraa and is continuously learning and growing as a writer. Her work focuses on Indian temples, their history, and practical travel information.
Nahid Parween is a graduate, homemaker, and writer from Dhanbad, Jharkhand. Alongside writing for DevYatraa, she is preparing for a teaching career and working on her first book, which is nearing completion. She writes about Indian temples and religious destinations.
Together, Punam and Nahid aim to make temple and travel information simple, practical, and useful for travelers across India.
DevYatraa — Making Your Temple Journey Easier.
