Padmanabhaswamy Temple Trivandrum: पद्मनाभ स्वामी मंदिर का इतिहास, दर्शन और यात्रा की पूरी जानकारी
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम (Trivandrum) में स्थित Padmanabhaswamy Temple भारत के सबसे प्रसिद्ध विष्णु मंदिरों में से एक है। अगर आप केरल घूमने जा रहे हैं तो इस मंदिर को अपनी यात्रा में जरूर शामिल कर सकते हैं।
इस मंदिर की सबसे खास बात सिर्फ इसकी पुरानी वास्तुकला नहीं है। यहां भगवान विष्णु श्री पद्मनाभस्वामी के रूप में शेषनाग अनंत पर विश्राम करते हुए विराजमान हैं। भगवान की इसी मुद्रा को अनंत शयन कहा जाता है।
मंदिर की अपनी धार्मिक परंपराएं हैं और यहां प्रवेश के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम भी हैं। इसलिए पहली बार जाने वाले व्यक्ति के लिए यह जानना जरूरी है कि मंदिर कब जाना है, क्या कपड़े पहनने हैं, कैसे पहुंचना है, कहां रुकना सुविधाजनक रहेगा और आसपास क्या देखा जा सकता है।

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Padmanabhaswamy Temple में किस भगवान की पूजा होती है?
सबसे पहले यही जान लेते हैं कि यहां किस भगवान के दर्शन होते हैं।
पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।
यहां भगवान विष्णु अनंत शयन मुद्रा में विराजमान हैं। भगवान शेषनाग के ऊपर विश्राम करते हुए दिखाई देते हैं। मंदिर की सबसे बड़ी धार्मिक विशेषताओं में यही स्वरूप शामिल है।
भगवान की प्रतिमा को एक ही स्थान से पूरी तरह देखना संभव नहीं होता। परंपरागत दर्शन व्यवस्था में अलग-अलग द्वारों से भगवान के अलग-अलग हिस्सों के दर्शन किए जाते हैं।
मंदिर परिसर में भगवान विष्णु के अलावा नरसिंह स्वामी, गणपति, कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं से जुड़े धार्मिक स्थल भी हैं। मंदिर की धार्मिक परंपरा आज भी जारी है।
Padmanabhaswamy Temple कहां है?
पद्मनाभस्वामी मंदिर East Fort, Thiruvananthapuram, Kerala में स्थित है।
मंदिर शहर के पुराने हिस्से में है और इसके आसपास कई ऐतिहासिक जगहें भी हैं। इसलिए अगर आप यहां दर्शन करने जा रहे हैं तो सिर्फ मंदिर देखकर वापस आने के बजाय आसपास के East Fort इलाके को भी थोड़ा समय दे सकते हैं।
Padmanabhaswamy Temple का इतिहास
पद्मनाभस्वामी मंदिर का इतिहास काफी पुराना माना जाता है। मंदिर की परंपरा और इसका संबंध पुराने वैष्णव धार्मिक साहित्य से भी जोड़ा जाता है।
हालांकि मंदिर का आज दिखाई देने वाला स्वरूप अलग-अलग समय में हुए निर्माण और बदलावों का परिणाम है।
मंदिर का एक महत्वपूर्ण renovation 1730 में त्रावणकोर के महाराजा मार्तंड वर्मा के शासनकाल में हुआ। इसी समय मंदिर के वर्तमान स्वरूप को काफी विस्तार मिला। मंदिर की वर्तमान प्रतिमा भी इसी दौर से जुड़ी हुई है। Kerala Tourism के अनुसार प्रतिमा पारंपरिक Katusarkarayogam मिश्रण से बनी है और इसमें 12,008 Salagrama stones का उल्लेख मिलता है।
मार्तंड वर्मा के शासनकाल में त्रावणकोर राज्य को भगवान पद्मनाभ को समर्पित करने की परंपरा भी स्थापित हुई। इसके बाद त्रावणकोर के शासक खुद को भगवान पद्मनाभ का सेवक यानी Padmanabha Dasa मानते रहे

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मंदिर की वास्तुकला क्यों खास है?
पद्मनाभस्वामी मंदिर को देखने पर सबसे पहले इसकी विशाल संरचना और गोपुरम ध्यान खींचता है।
मंदिर में Kerala और Dravidian architectural styles की खूबियां दिखाई देती हैं। पत्थर की नक्काशी, मंडप, लंबे गलियारे और पारंपरिक सजावट इसे दक्षिण भारत के दूसरे मंदिरों से अलग पहचान देते हैं।
मंदिर का एक लंबा गलियारा भी प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में नक्काशीदार पत्थर के स्तंभ दिखाई देते हैं।
मंदिर का Ottakkal Mandapam भी विशेष रूप से देखने योग्य है। यह मंदिर की वास्तुकला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अगर आप architecture में रुचि रखते हैं तो यहां सिर्फ सामने से फोटो लेकर आगे मत बढ़िए। मंदिर की छोटी-छोटी नक्काशियों और निर्माण शैली को भी ध्यान से देखना इस यात्रा को ज्यादा खास बना सकता है।

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Padmanabhaswamy Temple दर्शन का समय
यहां दर्शन पूरे दिन लगातार नहीं होते। मंदिर में अलग-अलग समय पर पूजा और दर्शन की व्यवस्था रहती है।
Kerala Tourism के अनुसार दर्शन के प्रमुख समय इस प्रकार हैं:
सुबह
3:30 AM – 4:45 AM — Nirmalya Darshanam
6:30 AM – 7:00 AM
8:30 AM – 10:00 AM
10:30 AM – 11:10 AM
11:45 AM – 12:00 PM
शाम
4:30 PM – 6:15 PM
6:45 PM – 7:20 PM
त्योहारों के समय दर्शन का समय बदल सकता है, इसलिए यात्रा के दिन latest timing जरूर confirm करें।
अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो दर्शन के आखिरी समय में पहुंचने के बजाय थोड़ा पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।
Temple official website link👈
Padmanabhaswamy Temple का Dress Code
यह जानकारी यात्रा से पहले जरूर जान लें।
मंदिर में strict dress code है।
पुरुषों के लिए
पुरुषों को mundu या dhoti पहननी होती है और shirt पहनकर मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
मंदिर के entrance पर धोती किराए पर उपलब्ध होने की जानकारी Kerala Tourism देता है। वर्तमान व्यवस्था में पुरुष pants या churidar के ऊपर भी dhoti पहन सकते हैं।
महिलाओं के लिए
महिलाओं के लिए sari, mundum neriyathum यानी set-mundu, skirt-blouse या half-sari जैसे पारंपरिक कपड़ों की अनुमति है।
एक और जरूरी नियम
केवल हिंदुओं को मंदिर के अंदर प्रवेश की अनुमति है।
इसलिए अगर आप परिवार के साथ जा रहे हैं तो यह नियम पहले से सभी को बता दें।
Padmanabhaswamy Temple कैसे जाएं?
अब सबसे जरूरी सवाल—यहां पहुंचेंगे कैसे?
Train से 🚉
अगर आप दूसरे शहर या राज्य से ट्रेन से आ रहे हैं तो Thiruvananthapuram Central Railway Station सबसे सुविधाजनक विकल्प है।
यह मंदिर से लगभग 1 किलोमीटर दूर है। स्टेशन से auto या cab लेकर मंदिर पहुंच सकते हैं।
अगर सामान कम है तो दूरी ज्यादा नहीं है, लेकिन गर्मी या भारी सामान होने पर auto लेना ज्यादा आरामदायक रहेगा।
Flight ✈️ से
हवाई यात्रा करने वालों के लिए Trivandrum International Airport सबसे नजदीकी airport है।
Airport मंदिर से लगभग 6 किलोमीटर दूर है।
Airport से taxi या cab लेकर सीधे East Fort पहुंच सकते हैं।
Bus 🚌 से
Kerala के अलग-अलग शहरों से Thiruvananthapuram के लिए bus services मिलती हैं। शहर पहुंचने के बाद East Fort तक local transport आसानी से लिया जा सकता है।
Padmanabhaswamy Temple के पास कहां रुकें?
अगर आपका मुख्य उद्देश्य मंदिर के दर्शन हैं तो East Fort के आसपास hotel लेना सबसे convenient रहेगा।
इसका फायदा यह होगा कि सुबह जल्दी दर्शन के लिए निकलना आसान रहेगा और मंदिर के आसपास का पुराना इलाका भी आराम से देखा जा सकेगा।
अगर आपको ज्यादा hotels और transport options चाहिए तो Thampanoor भी अच्छा विकल्प है। यहां railway station के आसपास budget से लेकर अच्छे hotels तक कई विकल्प मिल जाते हैं।
Hotel लेते समय सिर्फ कमरा सस्ता है या महंगा, यह मत देखिए। ये चीजें भी देखें:
- मंदिर से दूरी
- सुबह जल्दी check-out/transport की सुविधा
- breakfast
- parking
- cancellation policy
अगर आपका दर्शन बहुत सुबह का है तो मंदिर के पास रहना ज्यादा आरामदायक रहेगा l
मंदिर के आसपास खाना मिलेगा?
हां, East Fort और आसपास खाने के लिए कई options मिल जाते हैं।
सुबह के नाश्ते में आपको South Indian dishes जैसे:
- इडली
- डोसा
- वड़ा
- उपमा
- चाय/कॉफी
अगर Kerala का local food try करना है तो Kerala meals भी जरूर चख सकते हैं।
लेकिन अगर आप सुबह 3:30–4:45 बजे वाले दर्शन के लिए जा रहे हैं तो उस समय हर restaurant खुला मिले, यह जरूरी नहीं है। इसलिए रात को ही पानी और कुछ हल्का packaged food रखने की व्यवस्था कर लेना अच्छा रहेगा।
Trivandrum घूमने के लिए कितने दिन रखें?
अगर आपका उद्देश्य सिर्फ Padmanabhaswamy Temple दर्शन है तो एक दिन पर्याप्त हो सकता है।
लेकिन अगर मंदिर के साथ Trivandrum भी घूमना है तो 2 दिन का plan ज्यादा अच्छा रहेगा।
Day 1 – Padmanabhaswamy Temple और East Fort
सुबह जल्दी मंदिर में दर्शन करें।
दर्शन के बाद आसपास breakfast करें।
फिर East Fort area और आसपास की heritage जगहें देखें।
दोपहर में hotel लौटकर आराम करें।
शाम को फिर शहर में घूमने निकल सकते हैं।
Day 2 – Trivandrum Sightseeing
दूसरे दिन Trivandrum की दूसरी प्रमुख tourist places को रखें।
अगर आपके पास तीसरा दिन है तो Trivandrum के बाहर के destinations को भी trip में जोड़ सकते हैं।

Image Credit: Prasanth Prakash — CC BY-SA 4.0
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Padmanabhaswamy Temple के आसपास क्या देखें?
मंदिर देखने के बाद सीधे hotel जाने की जरूरत नहीं है।
सबसे पहले East Fort area को आराम से देख सकते हैं।
यह इलाका त्रावणकोर के इतिहास से जुड़ा हुआ है।
मंदिर के आसपास Kuthiramalika Palace Museum भी देखा जा सकता है। यह त्रावणकोर के इतिहास और पारंपरिक architecture को समझने के लिए अच्छी जगह है।
अगर आपके पास ज्यादा समय है तो Trivandrum को base बनाकर Kerala के दूसरे destinations भी जोड़े जा सकते हैं।
Padmanabhaswamy Temple जाने का सही समय
अगर मौसम की बात करें तो October से February के बीच Trivandrum घूमना ज्यादा comfortable हो सकता है।
लेकिन मंदिर की यात्रा के लिए मौसम से ज्यादा जरूरी है कि आप दर्शन का समय और festival dates देखकर जाएं।
मंदिर के प्रमुख festivals के समय भीड़ और दर्शन व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। इसलिए festival period में जाने से पहले official information जरूर check करें।
मंदिर जाते समय इन बातों का ध्यान रखें
अगर आप पहली बार Padmanabhaswamy Temple जा रहे हैं तो ये बातें याद रखें:
1. Dress Code पहले से तैयार रखें।
2. दर्शन का समय यात्रा से पहले check करें।
3. बहुत सुबह दर्शन है तो रात में ही तैयारी कर लें।
4. मंदिर के अंदर photography/mobile से जुड़े नियमों का पालन करें।
5. मंदिर के धार्मिक नियमों और परंपराओं का सम्मान करें।
6. गर्म मौसम में पानी और जरूरी सामान साथ रखें।
7. Festival के समय extra crowd के लिए तैयार रहें।
Padmanabhaswamy Temple इतना प्रसिद्ध क्यों है?
इस मंदिर की प्रसिद्धि सिर्फ इसके इतिहास के कारण नहीं है।
यहां भगवान विष्णु का अनंत शयन स्वरूप है।
मंदिर की वास्तुकला में Kerala और Dravidian शैली का सुंदर मेल दिखाई देता है।
इसका संबंध त्रावणकोर राजवंश से रहा है।
और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां की धार्मिक परंपरा आज भी जारी है।
मंदिर के खजाने और vaults को लेकर भी दुनिया भर में चर्चा हुई है, लेकिन इस मंदिर को केवल खजाने के कारण देखना इसकी असली धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को छोटा कर देता है।
यहां की सबसे बड़ी पहचान भगवान पद्मनाभ, उनकी पूजा और सदियों पुरानी परंपरा है।

Image Credit: Ashcoounter — CC BY-SA 3.0
निष्कर्ष
Padmanabhaswamy Temple Trivandrum केरल की यात्रा में शामिल करने लायक एक बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है।
यहां भगवान विष्णु श्री पद्मनाभ के रूप में शेषनाग अनंत पर अनंत शयन मुद्रा में विराजमान हैं। मंदिर की भव्य वास्तुकला, त्रावणकोर राजपरिवार से जुड़ा इतिहास और आज भी चल रही धार्मिक परंपराएं इसे खास बनाती हैं।
अगर आप पहली बार यहां जा रहे हैं तो तीन चीजों की तैयारी पहले कर लें—दर्शन का समय, सही dress code और रहने की जगह।
अगर केवल मंदिर जाना है तो एक दिन पर्याप्त हो सकता है। लेकिन मेरी सलाह है कि 2 दिन Trivandrum के लिए रखें, ताकि दर्शन के साथ शहर की पुरानी विरासत भी आराम से देख सकें।
मंदिर के दर्शन के बाद East Fort और आसपास की ऐतिहासिक जगहों को जरूर देखें। तब आपको महसूस होगा कि Padmanabhaswamy Temple सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि Thiruvananthapuram के इतिहास और पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Padmanabhaswamy Temple FAQ
1. Padmanabhaswamy Temple में किस भगवान की पूजा होती है?
यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। यहां भगवान विष्णु को श्री पद्मनाभ के रूप में अनंत शयन मुद्रा में पूजा जाता है।
2. Padmanabhaswamy Temple कहां है?
यह मंदिर East Fort, Thiruvananthapuram (Trivandrum), Kerala में स्थित है।
3. क्या सभी लोग मंदिर के अंदर जा सकते हैं?
नहीं। Kerala Tourism के अनुसार मंदिर के अंदर केवल हिंदुओं को प्रवेश की अनुमति है।
4. Padmanabhaswamy Temple का dress code क्या है?
पुरुषों के लिए mundu/dhoti और महिलाओं के लिए निर्धारित पारंपरिक कपड़ों का नियम है। पुरुषों को shirt पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
5. Padmanabhaswamy Temple का nearest railway station कौन सा है?
Thiruvananthapuram Central Railway Station, जो मंदिर से लगभग 1 km दूर है।
6. Padmanabhaswamy Temple का nearest airport कौन सा है?
Trivandrum International Airport, जो मंदिर से लगभग 6 km दूर है।
7. Padmanabhaswamy Temple घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?
सिर्फ मंदिर के लिए एक दिन पर्याप्त हो सकता है। मंदिर और Trivandrum शहर को आराम से देखने के लिए 2 दिन बेहतर हैं।
8. क्या मंदिर के पास खाना और होटल मिलते हैं?
हां, East Fort और Thampanoor के आसपास रहने और खाने के कई विकल्प मिलते हैं। बहुत सुबह दर्शन करने वालों को breakfast की timing का ध्यान रखना चाहिए।
9. क्या मंदिर में दर्शन का समय पूरे दिन रहता है?
नहीं। दर्शन के लिए अलग-अलग समय निर्धारित हैं और festival के दौरान timings बदल सकते हैं। इसलिए यात्रा के दिन latest timing जरूर check करें।
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✍️ Meet Our Writers
Punam Singh & Nahid Parween
Writers at DevYatraa
Punam Singh is a graduate and homemaker from Jamshedpur, Jharkhand. She began her writing journey with DevYatraa and is continuously learning and growing as a writer. Her work focuses on Indian temples, their history, and practical travel information.
Nahid Parween is a graduate, homemaker, and writer from Dhanbad, Jharkhand. Alongside writing for DevYatraa, she is preparing for a teaching career and working on her first book, which is nearing completion. She writes about Indian temples and religious destinations.
Together, Punam and Nahid aim to make temple and travel information simple, practical, and useful for travelers across India.
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